पूजा सामग्री किसी भी पूजा-पाठ, व्रत, अनुष्ठान या त्योहार के लिए आवश्यक वस्तुओं का समूह है। विभिन्न पूजाओं में कुछ सामग्री समान होती है और कुछ देवता तथा अवसर के अनुसार अलग होती है। इस लेख में आम पूजा से लेकर विशेष अनुष्ठान तक की संपूर्ण पूजा सामग्री सूची श्रेणीबद्ध रूप में दी गई है, ताकि पूजा से पहले सभी आवश्यक वस्तुएं एकत्र की जा सकें।
पूजा थाली में क्या-क्या रखें
पूजा थाली सभी आवश्यक सामग्री को एक स्थान पर रखने का मुख्य पात्र है। एक मानक पूजा थाली में ये वस्तुएं रखी जाती हैं:
- शुद्धि सामग्री: गंगाजल भरी आचमनी, तुलसी के पत्ते।
- संकल्प सामग्री: अक्षत (साबुत चावल), चंदन, पुष्प।
- श्रृंगार सामग्री: रोली, कुमकुम, हल्दी, सिंदूर, इत्र।
- दीप-धूप सामग्री: दीपक, बाती, घी/तेल, अगरबत्ती, कपूर।
- भोग सामग्री: मिठाई या फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची।
- अन्य: घंटी, शंख, मौली, दक्षिणा (सिक्का), आरती की थाली।
पूजा में सभी सामग्री उपलब्ध न हों तो अक्षत, पुष्प और दीपक से भी पूजा संपन्न मानी जाती है — भगवान भाव और श्रद्धा देखते हैं।
मूल पूजा सामग्री (हर पूजा के लिए)
- गंगाजल या शुद्ध जल,
- रोली, कुमकुम, अक्षत (साबुत चावल), चंदन,
- हल्दी, केसर, अबीर, गुलाल,
- दीपक, बाती, घी/तेल, कपूर,
- अगरबत्ती, धूपबत्ती,
- पुष्प एवं फूलों की माला,
- नैवेद्य — फल, मिठाई, मिश्री,
- पूजा की थाली, घंटी, माचिस।
कलश स्थापना की सामग्री
- ताम्र या मिट्टी का कलश,
- गंगाजल या शुद्ध जल,
- आम के पत्ते (5-7), नारियल,
- मौली (कलावा), सुपारी, सिक्का, दूर्वा,
- लाल कपड़ा।
कलश स्थापना की विधि अलग लेख — कलश स्थापना विधि — में देखें।
पंचामृत सामग्री
पंचामृत का उपयोग अभिषेक एवं देवता के स्नान में किया जाता है। इसमें पांच वस्तुएं होती हैं:
- दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (चीनी)।
हवन की सामग्री
- हवन कुंड,
- समिधा (आम, पलाश, पीपल आदि की लकड़ी),
- गाय का शुद्ध घी,
- जौ, तिल (काले/सफेद), पीली सरसों,
- सप्तधान्य (सात प्रकार के अनाज),
- हवन सामग्री पैकेट, कपूर, रुई।
हवन के लिए हवन कुंड में अग्नि स्थापित कर घी, समिधा, तिल और जौ की आहुतियाँ दी जाती हैं।
देवता विशेष पूजा सामग्री
कुछ देवताओं की पूजा में विशेष वस्तुएं अर्पित की जाती हैं:
- गणेश जी: दूर्वा (दूब), लड्डू, गुड़ की मिठाई।
- भगवान शिव: बेलपत्र, पंचामृत, भस्म, दूध।
- भगवान विष्णु: तुलसी के पत्ते, पीला वस्त्र, केसर।
- माता लक्ष्मी: कमल के फूल, कौड़ी, सिक्के, मोती, पीला वस्त्र।
- माता सरस्वती: श्वेत पुष्प, श्वेत वस्त्र, अक्षत, पुस्तक।
- सूर्य देव: लाल पुष्प (गुड़हल), लाल वस्त्र, गुड़, ताम्र पात्र का अर्घ्य।
- शनि देव: काले तिल, काला/नीला वस्त्र, सरसों का तेल, लोहे की वस्तु।
- माता दुर्गा: लाल चुनरी, लाल वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, गेंदा पुष्प।
- हनुमान जी: सिंदूर, गुड़हल, चोला।
व्रत एवं उपवास की सामग्री
व्रत और विशेष पूजाओं में इन वस्तुओं की आवश्यकता होती है:
- गंगाजल, पंचामृत, सप्तधान्य, सप्तमृत्तिका,
- पंच रत्न (स्वर्ण, मोती, माणिक, प्रवाल, पन्ना),
- पंच पल्लव (पीपल, बड़ आदि के पत्ते),
- पंच मेवा, बताशे, खील, मखाना, गुड़,
- नारियल, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, इलायची।
पूजा के पात्र एवं उपकरण
- पूजा की थाली,
- पंचपात्र एवं अर्घ्य पात्र, आचमनी,
- कलश, लोटा, दीपक (पीतल/मिट्टी),
- घंटी, शंख,
- आसन, चौकी (बाजोट), देव वस्त्र।
पूजा सामग्री से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
- पूजा सामग्री स्वच्छ एवं उपयोग के लिए तैयार रखें; सामग्री पूर्व में ही एकत्र कर लेनी चाहिए।
- पूजा स्थल और पात्रों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- देवता के अनुसार उचित पुष्प, पत्र (बेलपत्र, तुलसी, दूर्वा) और वस्त्र का चयन करें।
- विशेष पूजाओं (गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, नवरात्रि, दीपावली आदि) में आवश्यक सामग्री अलग से एकत्र करें।
- सामग्री की पूर्णता से अधिक महत्व श्रद्धा और संकल्प का है — न्यून सामग्री पर भी पूजा भाव से संपन्न मानी जाती है।
विशेष पूजाओं की विस्तृत सामग्री और विधि क्रमशः — गणेश पूजा विधि, गृह प्रवेश पूजा विधि, लक्ष्मी पूजा विधि और सत्यनारायण पूजा विधि — लेखों में देखें।