सामुद्रिक शास्त्र
सामुद्रिक शास्त्र में चेहरे, हाथ, हथेली, तिल, शरीर के लक्षण, पैरों और विभिन्न विशेष चिह्नों से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं का अध्ययन किया जाता है।
सामुद्रिक शास्त्र के प्रमुख विषय
चेहरा सामुद्रिक शास्त्र
चेहरे के आकार, माथा, भौंहें, आंखें, नाक, कान, गाल, होंठ, दांत और ठोड़ी के आधार व्यक्तित्व का अध्ययन।
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हाथ और हथेली
हथेली का आकार, उंगलियां, रेखाएं — जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा और भाग्य रेखा की जानकारी।
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तिल शास्त्र
शरीर पर तिल का स्थान और उसका अर्थ — माथे, आंख, नाक, गाल, होंठ, गर्दन, हाथ और पैर पर तिल।
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शरीर के लक्षण
सिर, गर्दन, कंधे, भुजाएं, छाती, पेट, पीठ, जांघ, घुटने, चाल और आवाज से जुड़े लक्षण।
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पैर और तलवा
पैर का आकार, उंगलियां, अंगूठा, तलवे की रेखाएं और विशेष चिह्नों का अर्थ।
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विशेष चिह्न
शंख, चक्र, कमल, स्वस्तिक, त्रिशूल, मछली, ध्वज जैसे पारंपरिक चिह्नों का अर्थ।
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नाखून शास्त्र
नाखून का आकार, लंबाई, रंग, बनावट, सफेद निशान और धारियों का व्यक्तित्व पर प्रभाव।
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शुभ लक्षण
धन, भाग्य, प्रतिष्ठा, समृद्धि, विवाह, संतान और व्यक्तित्व से जुड़े शुभ लक्षण।
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