लक्ष्मी-गणेश पूजा भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की युगल पूजा है — यह विशेषकर दीपावली और धन-संबंधी नए कार्यों के आरंभ में की जाती है। परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में गणेश-पूजन का विधान है और लक्ष्मी-पूजन से समृद्धि की कामना की जाती है। इस लेख में लक्ष्मी-गणेश पूजा की विधि, सामग्री, मंत्र और नियम दिए गए हैं।
सामान्य लक्ष्मी पूजा लक्ष्मी पूजा विधि और दीपावली पूजन दीपावली लक्ष्मी पूजा विधि पृष्ठ पर देखें।
लक्ष्मी-गणेश पूजा का महत्व
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और माता लक्ष्मी को समृद्धि की देवी माना गया है। युगल पूजा में पहले गणेश-पूजन और फिर लक्ष्मी-पूजन किया जाता है। दीपावली की रात्रि में घरों में गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति की पूजा का व्यापक प्रचलन है। नए घर/कार्यालय/व्यापार के शुभारंभ में भी यह पूजा की जाती है।
लक्ष्मी-गणेश पूजा कब करें?
- दीपावली: कार्तिक अमावस्या की संध्या।
- धनतेरस: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी।
- नए कार्य/व्यापार/घर का शुभारंभ।
- शुक्रवार: साप्ताहिक प्रचलन।
लक्ष्मी-गणेश पूजा की सामग्री
- गणेश और लक्ष्मी की मूर्ति/चित्र,
- कलश, मौली, आम के पत्ते, नारियल,
- रोली, कुमकुम, अक्षत, चंदन, पुष्प,
- दूर्वा (गणेश के लिए), धूप, दीप, कपूर, घंटी,
- नैवेद्य — मोदक/लड्डू (गणेश), खीर-हलवा (लक्ष्मी), फल, मिश्री,
- सिक्के, अनाज, आसन।
लक्ष्मी-गणेश पूजा विधि (चरणबद्ध)
चरण 1 — स्नान एवं संकल्प
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा का संकल्प करें:
पूजनं करिष्ये।
चरण 2 — गणेश पूजन
सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन करें — आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, गंध, पुष्प-अक्षत, दूर्वा, धूप, दीप, नैवेद्य। प्रचलित प्रारूप:
नोट: [उपचार] का अर्थ है पूजा में देवता को चढ़ाई जाने वाली वस्तु या क्रिया (आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, स्नान, वस्त्र, गंध, पुष्प-अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, पुष्पांजलि आदि)। मंत्र में जो उपचार उस समय अर्पित किया जा रहा है, उसका नाम [उपचार] के स्थान पर बोला जाता है — जैसे “… नमः पाद्यं समर्पयामि”, “… नमः गन्धं समर्पयामि”, “… नमः पुष्पं समर्पयामि” आदि।
चरण 3 — लक्ष्मी पूजन
गणेश-पूजन के बाद माता लक्ष्मी का पूजन करें:
पूर्ण उपचार-क्रम लक्ष्मी पूजा विधि में देखें।
चरण 4 — मंत्र जप
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
चरण 5 — चालीसा पाठ एवं आरती
लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता — करें। अंत में क्षमा-प्रार्थना:
पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर॥
लक्ष्मी-गणेश पूजा के नियम
- युगल पूजा में क्रम का ध्यान रखें — पहले गणेश, फिर लक्ष्मी।
- पूजा में स्वच्छता और सात्विक नैवेद्य रखें।
- गणेश को मोदक/लड्डू और दूर्वा, लक्ष्मी को खीर-हलवा-फल प्रचलित हैं।
- मुहूर्त के अनुसार संध्या में पूजा करें — पंचांग देखें।