सीतामढ़ी शक्ति पीठ बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित एक पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ दायें जांघ के गिरने से संबंधित है और यहाँ माँ सीता देवी की पूजा की जाती है। सीता देवी को प्रेम और त्याग की देवी माना जाता है। यहाँ भैरव के रूप में भद्र भैरव की पूजा की जाती है। सीतामढ़ी को माँ सीता की जन्मभूमि माना जाता है।
परिचय
सीतामढ़ी शक्ति पीठ भारत के बिहार राज्य के सीतामढ़ी जिले में स्थित एक प्राचीन शक्ति पीठ है। यह पीठ 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यहाँ माँ सीता देवी की पूजा की जाती है। सीता देवी को प्रेम, त्याग और समर्पण की देवी माना जाता है।
सीतामढ़ी को माँ सीता की जन्मभूमि माना जाता है। रामायण के अनुसार, माँ सीता का जन्म यहीं हुआ था। यह स्थान हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है।
पौराणिक कथा
शक्ति पीठों की कथा सती और शिव से जुड़ी है। जब सती ने आत्मदाह किया, तब भगवान विष्णु ने सती के शरीर के टुकड़े किए।
सीतामढ़ी शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ सती का दायाँ जांघ गिरा था। सीता देवी ने यहाँ अपनी कृपा बनाए रखी।
भौगोलिक स्थिति
सीतामढ़ी शक्ति पीठ बिहार राज्य के सीतामढ़ी जिले में स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन सीतामढ़ी है। निकटतम हवाई अड्डा पटना का जय प्रकाश नारायण हवाई अड्डा है।
ऐतिहासिक महत्व
सीतामढ़ी का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत गहरा है। यह स्थान माँ सीता की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है। रामायण काल से यह स्थान पवित्र माना जाता है।
धार्मिक परंपरा
सीता देवी की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। रामनवमी यहाँ विशेष रूप से मनाई जाती है।
वार्षिक उत्सव
रामनवमी, दीपावली और नवरात्रि यहाँ प्रमुख उत्सव हैं।
यात्रा मार्गदर्शन
निकटतम रेलवे स्टेशन सीतामढ़ी है। मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
विभिन्न परंपराओं में मतभेद
दायाँ जांघ यहाँ गिरी थी
— शैव परंपरासीता देवी - प्रेम और त्याग की देवी
— शाक्त परंपराभद्र भैरव - इस पीठ के रक्षक
— शैव परंपरासीतामढ़ी, बिहार - मिथिला क्षेत्र
— ऐतिहासिक परंपरासीता परंपरा - प्रेम और समर्पण की पूजा
— वैष्णव परंपरामतभेद और टिप्पणी
सीतामढ़ी शक्ति पीठ की पहचान को लेकर कुछ विवाद हैं। माँ सीता की जन्मभूमि को लेकर विभिन्न मत हैं।
सीतामढ़ी शक्ति पीठ माँ सीता की जन्मभूमि के रूप में विशेष महत्व रखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीतामढ़ी शक्ति पीठ में माँ सीता देवी की पूजा की जाती है।
यह पीठ सती के दायें जांघ के गिरने से संबंधित है।
रामायण के अनुसार माँ सीता का जन्म यहीं हुआ था।
निकटतम रेलवे स्टेशन सीतामढ़ी है।
मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
रामनवमी पर भगवान राम और सीता देवी की विशेष पूजा होती है।
सीतामढ़ी मिथिला क्षेत्र का भाग है जो सीता से जुड़ा है।
संबंधित शक्तिपीठ
स्रोत और संदर्भ
- मिथिला का इतिहास — डॉ. रामवृक्ष यादव , काशी हिंदू विश्वविद्यालय
- बिहार के धार्मिक स्थल — डॉ. शिवपूजन मिश्र , पटना विश्वविद्यालय
- मार्कंडेय पुराण — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
- देवी माहात्म्य — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
- भारतीय मंदिर वास्तुकला — माइकल मीस्टर , ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस
- सीतामढ़ी जिला प्रशासन — सीतामढ़ी जिला प्रशासन , बिहार सरकार [link]
- बिहार पर्यटन — पर्यटन विभाग बिहार , बिहार सरकार [link]
- रामायण — वाल्मीकि , प्राचीन ग्रंथ
- दुर्गा सप्तशती — मार्कंडेय ऋषि , भारतीय धर्म ग्रंथ