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नन्दिपुर शक्तिपीठ शक्तिपीठ

Nandipur Shakti Peeth — हार से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ

नंदिपुर शक्ति पीठ बिहार में स्थित एक प्राचीन शक्ति पीठ है। यहाँ सती का हार — गले का आभूषण — गिरा था। देवी नंदिनी यहाँ प्रमुख देवी के रूप में पूजी जाती हैं।

परिचय

नंदिपुर शक्ति पीठ बिहार राज्य में स्थित एक अत्यंत प्राचीन एवं पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ भारत के पचासी शक्ति पीठों में इक्तीसवाँ स्थान रखता है। पिठानिर्णय ग्रंथ के अनुसार, यहाँ सती का हार — अर्थात् गले का आभूषण — गिरा था। इसी कारण इसे नंदिपुर कहा जाता है। यहाँ की देवी नंदिनी — नंद — प्रसन्नता से उत्पन्न — के नाम से विख्यात हैं।

पौराणिक कथा

पिठानिर्णय और शिवपुराण के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सती के शरीर के खण्ड किए, तब उनके गले का आभूषण — हार — इस पवित्र भूमि पर गिरा। इस स्थान पर दिव्य ज्योति प्रकट हुई और देवी नंदिनी का स्वरूप स्थापित हुआ।

नंदिशब्द का अर्थ प्रसन्नता और आनंद है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, जब सती का हार इस स्थान पर गिरा, तब यहाँ एक अत्यंत आनंदमय वातावरण उत्पन्न हुआ। भगवान शिव ने यहाँ नंदीश्वर — नंद के स्वामी — के रूप में अपना वास स्थापित किया।

भौगोलिक स्थिति

नंदिपुर शक्ति पीठ बिहार राज्य में स्थित है। यह स्थान मिथिला क्षेत्र में आता है। निकटतम प्रमुख शहर दरभंगा और मुजफ्फरपुर हैं। यहाँ की भौगोलिक बनावट गंगा के मैदानी क्षेत्र की है।

ऐतिहासिक महत्व

नंदिपुर शक्ति पीठ का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा में इस पीठ का विशेष महत्व है। कर्णाट वंश, तिरहुत वंश और मिथिला के विद्वानों ने इस पीठ के संरक्षण में योगदान दिया।

धार्मिक परंपरा एवं पूजा विधि

नंदिपुर मंदिर में प्रतिदिन प्रातःकाल और सायंकाल पूजा होती है। देवी नंदिनी की पूजा में दुर्गा सप्तशती का पाठ, कन्या पूजन और देवी स्तुति शामिल हैं। यहाँ की विशेषता आभूषण पूजन है।

वार्षिक उत्सव एवं मेले

नवरात्र सबसे प्रमुख उत्सव है। दीपावली और मकर संक्रांति भी यहाँ प्रमुख उत्सव हैं।

यात्रा मार्गदर्शन

निकटतम रेलवे स्टेशन दरभंगा या मुजफ्फरपुर है। पटना से भी रेल सेवा उपलब्ध है। यात्रा के लिए सर्वोत्तम समय अक्टूबर से मार्च है।

निष्कर्ष

नंदिपुर शक्ति पीठ बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण शक्ति पीठ है। नंदिनी देवी और नंदीश्वर भैरव की पूजा इसे विशिष्ट बनाती है।

विभिन्न परंपराओं में मतभेद

Body_part

हार

— Pithanirnaya
Devi

नंदिनी

— Pithanirnaya
Bhairava

नंदीश्वर

— Pithanirnaya
Location

बिहार

— Pithanirnaya
Pilgrimage_status

एक प्रमुख शक्ति पीठ

— Pithanirnaya
Regional_name

मिथिला क्षेत्र

— Local tradition

मतभेद और टिप्पणी

नंदिपुर की स्थिति को लेकर कुछ मतभेद हैं। कुछ परंपराओं में इसे बिहार के अन्य स्थानों से जोड़ा जाता है। पिठानिर्णय में हार का उल्लेख स्पष्ट है।

संपादकीय टिप्पणी:

यह सामग्री पिठानिर्णय ग्रंथ, शिवपुराण और बिहार के ऐतिहासिक अभिलेखों के आधार पर संकलित की गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार राज्य में, मिथिला क्षेत्र में स्थित। निकटतम प्रमुख शहर दरभंगा और मुजफ्फरपुर हैं।

पिठानिर्णय के अनुसार, सती का हार इस स्थान पर गिरा था।

नंदिनी देवी प्रसन्नता और आनंद की देवी हैं, जो सती के हार स्वरूप से प्रकट हुईं।

नंदीश्वर भगवान शिव का एक स्वरूप हैं, जो इस पीठ में देवी के साथ विराजमान हैं।

दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या पूजन और आभूषण पूजन विशेष रूप से होता है।

दरभंगा या मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन निकटतम हैं। पटना से भी रेल सेवा उपलब्ध है।

संबंधित शक्तिपीठ

स्रोत और संदर्भ

  • मिथिला के शक्ति पीठ — डॉ. आर. के. सिंह , ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
  • कर्णाट वंश का इतिहास — डॉ. जे. एन. सिंह , मिथिला अभिलेखागार
  • पिठानिर्णय ग्रंथ — अत्रि ऋषि , शैव परंपरा
  • शिवपुराण — वेद व्यास , वैदिक साहित्य
  • बिहार के तीर्थ स्थान — श्रीनिवास मिश्र , बिहार साहित्य प्रकाशन
  • बिहार पर्यटन विभाग — बिहार सरकार , आधिकारिक पोर्टल [link]
  • देवी भागवत पुराण — वेद व्यास , वैदिक साहित्य