नारायणी शक्ति पीठ पश्चिम बंगाल में स्थित एक पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ बाएँ स्तन के गिरने से संबंधित है और यहाँ माँ नारायणी देवी की पूजा की जाती है। नारायणी देवी को विष्णु की शक्ति माना जाता है। यहाँ भैरव के रूप में शंकर भैरव की पूजा की जाती है।
परिचय
नारायणी शक्ति पीठ पश्चिम बंगाल में स्थित एक प्राचीन और पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यहाँ माँ नारायणी देवी की पूजा की जाती है, जो विष्णु की शक्ति हैं। भैरव शंकर यहाँ देवी के साथ विराजमान हैं।
नारायणी शब्द का संबंध नारायण यानी भगवान विष्णु से है। नारायणी देवी को सृष्टि की रक्षक माना जाता है।
पौराणिक कथा
शक्ति पीठों की कथा सती और शिव से जुड़ी है। जब सती ने आत्मदाह किया, तब भगवान विष्णु ने सती के शरीर के टुकड़े किए। सती के शरीर के 51 टुकड़े भारत के विभिन्न स्थानों पर गिरे।
नारायणी शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ सती का बायाँ स्तन गिरा था। नारायणी देवी ने यहाँ अपनी कृपा बनाए रखी।
भौगोलिक स्थिति
नारायणी शक्ति पीठ पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा कोलकाता में है।
सड़क मार्ग से मंदिर तक आसानी से पहुँचा जा सकता है।
ऐतिहासिक महत्व
नारायणी शक्ति पीठ का ऐतिहासिक महत्व गहरा है। मध्यकाल में बंगाल के राजाओं ने इस मंदिर के संरक्षण के लिए दान दिए।
धार्मिक परंपरा
नारायणी देवी की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। नवरात्रि में विशेष पूजा का आयोजन होता है।
वार्षिक उत्सव
नवरात्रि, दुर्गा पूजा और मकर संक्रांति यहाँ प्रमुख उत्सव हैं।
यात्रा मार्गदर्शन
कोलकाता से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है। मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
विभिन्न परंपराओं में मतभेद
बायाँ स्तन यहाँ गिरा था
— शैव परंपरानारायणी देवी - विष्णु की शक्ति
— शाक्त परंपराशंकर भैरव - इस पीठ के रक्षक
— शैव परंपरापश्चिम बंगाल - गंगा के मैदान में
— ऐतिहासिक परंपरानारायणी परंपरा - वैष्णव-शाक्त समन्वय
— वैष्णव परंपरामतभेद और टिप्पणी
नारायणी शक्ति पीठ की पहचान को लेकर कुछ विवाद हैं।
नारायणी शक्ति पीठ विष्णु की शक्ति का प्रतीक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नारायणी शक्ति पीठ में माँ नारायणी देवी की पूजा की जाती है।
यह पीठ सती के बाएँ स्तन के गिरने से संबंधित है।
नारायणी देवी विष्णु की शक्ति हैं।
कोलकाता से सड़क मार्ग से पहुँचा जा सकता है।
मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।
संबंधित शक्तिपीठ
स्रोत और संदर्भ
- बंगाल के शक्ति पीठ — डॉ. राजेश्वर चट्टोपाध्याय , कलकत्ता विश्वविद्यालय
- बंगाल का इतिहास — राजशेखर बसु , विश्वविद्यालय प्रकाशन
- मार्कंडेय पुराण — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
- देवी माहात्म्य — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
- भारतीय मंदिर वास्तुकला — माइकल मीस्टर , ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस
- नारायणी शक्ति पीठ आधिकारिक वेबसाइट — नारायणी मंदिर समिति , नारायणी शक्ति पीठ [link]
- पश्चिम बंगाल पर्यटन — पर्यटन विभाग पश्चिम बंगाल , पश्चिम बंगाल सरकार [link]
- दुर्गा सप्तशती — मार्कंडेय ऋषि , भारतीय धर्म ग्रंथ