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विराट शक्तिपीठ शक्तिपीठ

Virat Shakti Peeth — वाम पाद अंगुली से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ

विराट शक्ति पीठ राजस्थान के विराटनगर में स्थित एक पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ बाएँ पैर की उंगलियों के गिरने से संबंधित है और यहाँ माँ गोविंद माया देवी की पूजा की जाती है। गोविंद माया देवी को गोविंद यानी भगवान विष्णु की माया माना जाता है। यहाँ भैरव के रूप में अमृतेश्वर भैरव की पूजा की जाती है। विराटनगर को महाभारत काल का स्थान भी माना जाता है।

परिचय

विराट शक्ति पीठ भारत के राजस्थान राज्य के विराटनगर में स्थित एक प्राचीन और पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ 51 शक्ति पीठों में से एक माना जाता है। यहाँ माँ गोविंद माया देवी की पूजा की जाती है। भैरव अमृतेश्वर यहाँ देवी के साथ विराजमान हैं।

विराटनगर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत गहरा है। महाभारत में विराट नगर का उल्लेख मिलता है। ऐसा माना जाता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहाँ समय बिताया था।

पौराणिक कथा

शक्ति पीठों की कथा सती और शिव से जुड़ी है। जब सती ने आत्मदाह किया, तब भगवान विष्णु ने सती के शरीर के टुकड़े किए।

विराट शक्ति पीठ वह स्थान है जहाँ सती के बाएँ पैर की उंगलियाँ गिरी थीं। गोविंद माया देवी ने यहाँ अपनी कृपा बनाए रखी।

भौगोलिक स्थिति

विराट शक्ति पीठ राजस्थान राज्य के विराटनगर में स्थित है। निकटतम रेलवे स्टेशन विराटनगर है। निकटतम हवाई अड्डा जयपुर का सांगानेर हवाई अड्डा है।

ऐतिहासिक महत्व

विराटनगर का ऐतिहासिक महत्व अत्यंत गहरा है। महाभारत में इस स्थान का विस्तृत वर्णन है। पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहाँ विराट के रूप में रहकर समय बिताया।

धार्मिक परंपरा

गोविंद माया देवी की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। नवरात्रि में विशेष पूजा का आयोजन होता है।

वार्षिक उत्सव

नवरात्रि, दुर्गा पूजा और मकर संक्रांति यहाँ प्रमुख उत्सव हैं।

यात्रा मार्गदर्शन

निकटतम रेलवे स्टेशन विराटनगर है। मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।

विभिन्न परंपराओं में मतभेद

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बाएँ पैर की उंगलियाँ यहाँ गिरी थीं

— शैव परंपरा
Devi_name

गोविंद माया देवी - गोविंद की माया

— शाक्त परंपरा
Bhairava_name

अमृतेश्वर भैरव - इस पीठ के रक्षक

— शैव परंपरा
Location

विराटनगर, राजस्थान - महाभारत कालीन स्थान

— ऐतिहासिक परंपरा
Tradition

वैष्णव-शाक्त परंपरा - गोविंद पूजा

— वैष्णव परंपरा

मतभेद और टिप्पणी

विराट शक्ति पीठ की पहचान को लेकर कुछ विवाद हैं। महाभारत कालीन स्थान के रूप में इसकी पहचान को लेकर मतभेद हैं।

संपादकीय टिप्पणी:

विराट शक्ति पीठ महाभारत और शक्ति पीठ दोनों परंपराओं से जुड़ा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विराट शक्ति पीठ में माँ गोविंद माया देवी की पूजा की जाती है।

यह पीठ सती के बाएँ पैर की उंगलियों के गिरने से संबंधित है।

पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहाँ समय बिताया।

निकटतम रेलवे स्टेशन विराटनगर है।

मंदिर सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहता है।

गोविंद माया देवी गोविंद यानी भगवान विष्णु की माया हैं।

संबंधित शक्तिपीठ

स्रोत और संदर्भ

  • राजस्थान का इतिहास — डॉ. जगदीश चंद्र जैन , राजस्थान विश्वविद्यालय
  • महाभारत कालीन स्थल — डॉ. सुब्बा राव , दिल्ली विश्वविद्यालय
  • मार्कंडेय पुराण — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
  • देवी माहात्म्य — वेदव्यास , भारतीय धर्म ग्रंथ
  • भारतीय मंदिर वास्तुकला — माइकल मीस्टर , ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस
  • राजस्थान पर्यटन — पर्यटन विभाग राजस्थान , राजस्थान सरकार [link]
  • विराटनगर जिला प्रशासन — विराटनगर जिला प्रशासन , राजस्थान सरकार [link]
  • महाभारत — वेदव्यास , प्राचीन ग्रंथ
  • दुर्गा सप्तशती — मार्कंडेय ऋषि , भारतीय धर्म ग्रंथ