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महालक्ष्मी मंदिर अमरावती शक्तिपीठ

Mahalakshmi Temple Amravati — हार से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है। यहाँ देवी सती का हार गिरा था। विदर्भ क्षेत्र का यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है।

परिचय

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती महाराष्ट्र राज्य के अमरावती जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शक्ति पीठ है। यह पीठ 51 शक्ति पीठों में से एक है, जहाँ देवी सती का हार गिरा था। यहाँ की प्रतिमा महालक्ष्मी देवी के रूप में विख्यात है और इसे अंबा मंदिर भी कहा जाता है।

विदर्भ क्षेत्र का यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। अमरावती का प्राचीन नाम अमरावतीका था और यह बौद्ध सभ्यता का भी एक प्रमुख केंद्र रहा है।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब देवी सती ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपने आप को अग्नि में समर्पित कर दिया, तब भगवान शिव अत्यंत क्रोधित होकर तांडव करने लगे। भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंडित किया। जो अंग विभिन्न स्थानों पर गिरे, वे शक्ति पीठ बन गए।

अमरावती में देवी सती का हार गिरा था। इस स्थान पर महालक्ष्मी देवी का प्राकट्य हुआ। देवी भागवत पुराण में शक्ति पीठों के महत्व का वर्णन है। अमरावती क्षेत्र को प्राचीन काल से एक पवित्र भूमि माना जाता रहा है।

भौगोलिक स्थिति

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती शहर में स्थित है। अमरावती महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख शहर है। यह नागपुर से लगभग 150 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। पूर्णा नदी इस शहर से होकर बहती है। अमरावती की भौगोलिक स्थिति विदर्भ के मैदानी भाग में है।

ऐतिहासिक महत्व

अमरावती का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन काल में यह स्थान विदिशा साम्राज्य का एक भाग था। बौद्ध काल में भी यह एक महत्वपूर्ण केंद्र था। यहाँ प्राचीन बौद्ध स्तूप और भिक्षुओं के विहार के अवशेष मिले हैं।

मराठा काल में इस मंदिर का विशेष महत्व था। अंग्रेजों के समय में भी यह मंदिर अपनी पहचान बनाए रखा। अमरावती जिले की स्थापना 1853 में हुई थी।

धार्मिक परंपरा

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती में महालक्ष्मी देवी की विधिवत पूजा की जाती है। यहाँ देवी को अंबा के नाम से भी जाना जाता है। शाक्त परंपरा में महालक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व है। विदर्भ क्षेत्र के श्रद्धालु यहाँ नियमित रूप से पूजा करते हैं।

कुलार्णव तंत्र में शक्ति उपासना की विधियों का वर्णन है। क्रोद्धाश भैरव को यहाँ का क्षेत्रपाल माना जाता है।

वार्षिक उत्सव

महालक्ष्मी मंदिर में नवरात्रि का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। दीपावली के अवसर पर भी विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। गुढ़ी पाड़वा महाराष्ट्र का प्रमुख त्योहार है जो यहाँ विशेष रूप से मनाया जाता है।

मंदिर में प्रतिदिन आरती और भोग का आयोजन होता है। विशेष अवसरों पर भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

यात्रा मार्गदर्शन

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती शहर में स्थित है। नागपुर से अमरावती सड़क मार्ग से लगभग 150 किलोमीटर दूर है। निकटतम हवाई अड्डा नागपुर हवाई अड्डा है। निकटतम रेलवे स्टेशन अमरावती है।

नागपुर और बालाघाट से अमरावती के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। यात्रा का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से मार्च है। गर्मियों में यहाँ बहुत गर्मी पड़ती है।

विभिन्न परंपराओं में मतभेद

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सती का हार इस स्थान पर गिरा

— Pithanirnaya
Devi

महालक्ष्मी अंबा — धन और समृद्धि की देवी

— Pithanirnaya
Bhairava

क्रोद्धाश भैरव — इस पीठ के क्षेत्रपाल

— Pithanirnaya
Location

अमरावती जिला, विदर्भ, महाराष्ट्र

— Pithanirnaya
Tradition

विदर्भ क्षेत्र का प्रमुख शक्ति पीठ

— Pithanirnaya
River

पूर्णा नदी अमरावती से होकर बहती है

— Pithanirnaya
Historical

बौद्ध काल से पवित्र भूमि

— Pithanirnaya

मतभेद और टिप्पणी

महालक्ष्मी मंदिर अमरावती के स्थान के संबंध में कुछ परंपराओं में मतभेद हैं। कुछ स्रोत इसे कोल्हापुर की महालक्ष्मी से भी जोड़ते हैं। हार के संबंध में भी कुछ भिन्नता पाई जाती है।

संपादकीय टिप्पणी:

यह लेख पीठनिर्णय, देवी भागवत पुराण और महाराष्ट्र की ऐतिहासिक परंपराओं पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मंदिर महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित है। यह नागपुर से लगभग 150 किलोमीटर पश्चिम में है।

पीठनिर्णय ग्रंथ के अनुसार देवी सती का हार इस स्थान पर गिरा था।

यहाँ महालक्ष्मी देवी की पूजा होती है, जिन्हें अंबा के नाम से भी जाना जाता है।

अमरावती प्राचीन काल में बौद्ध सभ्यता का एक प्रमुख केंद्र था। यहाँ प्राचीन बौद्ध स्तूप के अवशेष मिले हैं।

अक्टूबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त है। गर्मियों में बहुत गर्मी पड़ती है।

संबंधित शक्तिपीठ

स्रोत और संदर्भ

  • विदर्भ के शक्ति पीठ , नागपुर विश्वविद्यालय
  • अमरावती बौद्ध स्तूप रिपोर्ट , भारतीय पुरातत्व विभाग
  • पीठनिर्णय
  • अमरावती जिला गजेटियर , महाराष्ट्र सरकार
  • महाराष्ट्र पर्यटन , Maharashtra Tourism [link]
  • देवी भागवत पुराण — वेदव्यास
  • कुलार्णव तंत्र