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गुह्येश्वरी शक्तिपीठ

Guhyeshwari — दक्षिण जानु से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ

Guhyeshwari Temple
Guhyeshwari Temple, Kathmandu, Nepal — Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

गुह्येश्वरी शक्ति पीठ, नेपाल के बागमती प्रदेश में स्थित एक अत्यंत पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ माँ गुह्येश्वरी को समर्पित है, जो देवी के शरीर के दाएँ घुटने पर गिरे भाग पर स्थापित है। यह पीठ पशुपतिनाथ मंदिर के निकट स्थित है और नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण शक्ति पीठों में से एक है। यहाँ की अधिष्ठात्री देवी माँ गुह्येश्वरी हैं। भैरव कपाली हैं। गुह्येश्वरी नाम का अर्थ है गुह्य यानी रहस्यमयी ईश्वरी। यहाँ माँ की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

परिचय

गुह्येश्वरी शक्ति पीठ, नेपाल के बागमती प्रदेश में काठमांडू उपत्यका में स्थित एक अत्यंत पवित्र शक्ति पीठ है। यह पीठ सती देवी के शरीर के दाएँ घुटने पर गिरे भाग पर स्थापित है। यहाँ की अधिष्ठात्री देवी माँ गुह्येश्वरी हैं, जो अत्यंत रहस्यमयी देवी मानी जाती हैं। भैरव कपाली हैं। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित है। गुह्येश्वरी नेपाल के अष्ट मातृका मंदिरों में से एक है और इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।

पौराणिक कथा

शाक्त पीठ निर्णय टीका और मार्कंडेय पुराण के अनुसार, जब देवी सती ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपने प्राणों का त्याग किया, तो भगवान शिव क्रोधित होकर तांडव करने लगे। भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के विभिन्न भागों को काटा। नेपाल के इस क्षेत्र में माँ सती का दायाँ घुटना गिरा। गुह्य अर्थात रहस्यमय कारण से यह देवी गुह्येश्वरी के नाम से प्रसिद्ध हुईं। काठमांडू उपत्यका को पौराणिक काल में नागद्वीप कहा जाता था और यह अनेक देवी-देवताओं का निवास स्थान था।

भौगोलिक स्थिति

गुह्येश्वरी शक्ति पीठ नेपाल के बागमती प्रदेश में काठमांडू उपत्यका में स्थित है। यह मंदिर पशुपतिनाथ मंदिर से लगभग 1 किलोमीटर दूर स्थित है। काठमांडू शहर से लगभग 5 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 1,350 मीटर है। निकटतम हवाई अड्डा त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है।

ऐतिहासिक महत्व

गुह्येश्वरी मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। माना जाता है कि यह मंदिर लिच्छवि काल से पहले का है। मल्ल वंश के शासकों ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। शाह वंश के शासकों ने भी इस मंदिर के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज यह नेपाल सरकार के संरक्षण में है।

धार्मिक परंपरा

गुह्येश्वरी मंदिर की धार्मिक परंपरा अत्यंत समृद्ध है। यहाँ माँ गुह्येश्वरी की पूजा तांत्रिक परंपरा के अनुसार की जाती है। यह नेपाल के अष्ट मातृका मंदिरों में से एक है। दशैं और तिहार के दौरान यहाँ विशेष पूजा होती है। मंदिर में चार भुजाएँ वाली देवी की प्रतिमा है।

वार्षिक उत्सव

गुह्येश्वरी मंदिर में दशैं प्रमुख उत्सव है। तिहार, शिवरात्रि और अन्य नेपाली त्योहार भी धूमधाम से मनाए जाते हैं। अष्टमी को विशेष पूजा होती है।

यात्रा मार्गदर्शन

निकटतम हवाई अड्डा त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो काठमांडू में है। पशुपतिनाथ मंदिर के निकट होने के कारण यह स्थान आसानी से पहुँचने योग्य है। सड़क मार्ग से काठमांडू शहर से सीधे पहुँचा जा सकता है।

विभिन्न परंपराओं में मतभेद

Body_part

दायाँ घुटना - Right knee

— शाक्त परंपरा
Devi_name

गुह्येश्वरी - Guhyeshwari

— शाक्त परंपरा
Bhairava_name

कपाली - Kapali

— शाक्त परंपरा
Location

काठमांडू, बागमती, नेपाल

— शाक्त परंपरा
Tradition

शाक्त परंपरा - 51 शक्ति पीठ

— शाक्त परंपरा

मतभेद और टिप्पणी

गुह्येश्वरी शक्ति पीठ की पहचान को लेकर कुछ विवाद रहे हैं। प्रमुख विवाद यह है कि कुछ स्रोतों में इसे दाएँ घुटने का पीठ बताया गया है। दूसरा विवाद गुह्येश्वरी और अष्ट मातृका की पहचान को लेकर है। तीसरा विवाद भैरव कपाली की पहचान को लेकर है।

संपादकीय टिप्पणी:

यह लेख विभिन्न पौराणिक ग्रंथों, शाक्त पीठ निर्णय टीका और नेपाली परंपराओं के आधार पर तैयार किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि वे दर्शन और पूजा के संबंध में स्थानीय पुजारियों से परामर्श करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुह्येश्वरी शक्ति पीठ नेपाल के काठमांडू में स्थित है, पशुपतिनाथ मंदिर के निकट।

यहाँ की अधिष्ठात्री देवी माँ गुह्येश्वरी हैं।

इस पीठ के भैरव कपाली हैं।

यह पीठ माँ सती के दाएँ घुटने पर गिरे भाग पर स्थापित है।

गुह्य अर्थात रहस्यमय और ईश्वरी अर्थात देवी। गुह्येश्वरी का अर्थ है रहस्यमयी देवी।

निकटतम हवाई अड्डा त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। पशुपतिनाथ के निकट होने के कारण आसानी से पहुँचा जा सकता है।

स्रोत और संदर्भ

  • नेपाल के शक्ति पीठ — डॉ. रत्न प्रसाद पांडे , त्रिभुवन विश्वविद्यालय
  • काठमांडू उपत्यका: इतिहास और संस्कृति — प्रो. डी.आर. रेग्मी , नेपाल राष्ट्रिय संग्रहालय
  • नेपाल वंशावली — वंशावली कार्यालय
  • शाक्त पीठ निर्णय टीका — कलिका पुराण की टीका
  • मार्कंडेय पुराण — ऋषि मार्कंडेय , आदि पराशर
  • भारतीय तीर्थ स्थल निर्देशिका — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
  • नेपाल महात्म्य — स्थानीय नेपाली परंपरा