साईं बाबा आरती शिर्डी के साईं बाबा की प्रचलित आरती है। इस पृष्ठ पर पूर्ण पाठ दिया गया है।
साईं बाबा आरती का महत्व
साईं बाबा की आरती शिर्डी संस्थान में प्रतिदिन की जाती है। यह आरती उनके सर्वधर्म समभाव, भक्तों की रक्षा और संकट-निवारक स्वरूप का वर्णन करती है। हर चरण के बाद टेक 'जय साईं बाबा, जय साईं बाबा' दोहराई जाती है।
आरती
जय साईं बाबा, जय साईं बाबा, जय साईं बाबा ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
सत्य शिव सुंदर, साईं सत्य शिव सुंदर ।साईं जी का ध्यान, करो नर-नारी ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
भक्तों के पालन हेतु, साईं जी ने अवतार लिया ।शिर्डी में आकर, दर्शन दिया ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
साईं जी की आरती, जो कोई जन गावे ।जन्म-मरण के संकट, सब दूर हो जावे ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
जय साईं बाबा, जय साईं बाबा, जय साईं बाबा ॥
सत्य शिव सुंदर, साईं सत्य शिव सुंदर ।साईं जी का ध्यान, करो नर-नारी ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
भक्तों के पालन हेतु, साईं जी ने अवतार लिया ।शिर्डी में आकर, दर्शन दिया ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
साईं जी की आरती, जो कोई जन गावे ।जन्म-मरण के संकट, सब दूर हो जावे ॥ ॥ जय साईं बाबा..॥
जय साईं बाबा, जय साईं बाबा, जय साईं बाबा ॥
आरती का समय
प्रतिदिन सुबह-शाम, विशेषतः गुरुवार को
आरती विधि
साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आरती करें। गुरुवार के दिन विशेष फलदायी मानी जाती है।
संदर्भ: शिर्डी साईं संस्थान — sainet.us
लाभ
संकटों से मुक्ति।
मनोकामना पूर्ति।
साईं बाबा की कृपा।