जय श्री राम ॥ सत्यं वद । धर्मं चर ॥ हमें फॉलो करें:

पाटन शक्तिपीठ शक्तिपीठ

Patan Shakti Peeth — वाम नेत्र से संबंधित प्रमुख शक्तिपीठ

Rani ki Vav, Patan
Rani ki Vav (Queen's Stepwell), Patan, Gujarat — Wikimedia Commons (CC BY-SA)

पाटण शक्ति पीठ गुजरात के पाटण जिले में स्थित एक प्राचीन शक्ति पीठ है। यहाँ देवी सती की बाईं आँख गिरी थी। योगेश्वरी देवी यहाँ की प्रमुख देवी हैं।

परिचय

पाटण शक्ति पीठ गुजरात राज्य के पाटण जिले में स्थित एक प्राचीन शक्ति पीठ है। यह पीठ 51 शक्ति पीठों में से एक है, जहाँ देवी सती की बाईं आँख गिरी थी। योगेश्वरी देवी यहाँ प्रमुख देवी के रूप में पूजित हैं।

पाटण गुजरात का एक प्राचीन शहर है जो अपनी वास्तुकला, पतोला साड़ियों और रानी की वाव के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ का शक्ति पीठ सोलंकी वंश काल से चली आ रही धार्मिक परंपरा का प्रतीक है।

पौराणिक कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब देवी सती ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपने आप को अग्नि में समर्पित कर दिया, तब भगवान शिव अत्यंत क्रोधित होकर तांडव करने लगे। भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को खंडित किया।

पाटण में सती की बाईं आँख गिरी थी। इस स्थान पर योगेश्वरी देवी का प्राकट्य हुआ। गुजरात की प्राचीन परंपरा में शक्ति उपासना का विशेष महत्व रहा है। मार्कण्डेय पुराण में गुजरात क्षेत्र की पवित्रता का वर्णन है।

भौगोलिक स्थिति

पाटण शक्ति पीठ गुजरात के पाटण जिले में स्थित है। पाटण शहर साबरमती नदी के तट पर स्थित है। यह अहमदाबाद से लगभग 125 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। पाटण गुजरात का एक प्रमुख ऐतिहासिक शहर है।

यहाँ की जलवायु अर्ध-शुष्क है। साबरमती नदी इस शहर से होकर बहती है। चारों ओर समतल भूमि है।

ऐतिहासिक महत्व

पाटण का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। पाटण की स्थापना सोलंकी वंश के राजा अजयपाल ने 746 ईस्वी में की थी। सोलंकी वंश के शासनकाल में पाटण एक प्रमुख सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्र था।

रानी की वाव पाटण की सबसे प्रसिद्ध संरचना है जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। पाटण की पतोला साड़ियाँ विश्व प्रसिद्ध हैं।

धार्मिक परंपरा

पाटण शक्ति पीठ में योगेश्वरी देवी की विधिवत पूजा की जाती है। गुजरात की शाक्त परंपरा में इस पीठ का विशेष महत्व है। सुदर्शन भैरव को यहाँ का क्षेत्रपाल माना जाता है।

गुजरात में अनेक शक्ति पीठ स्थित हैं और पाटण उनमें से एक प्रमुख है। यहाँ की पूजा पद्धति शाक्त और वैष्णव दोनों परंपराओं का प्रतिबिंब है।

वार्षिक उत्सव

पाटण शक्ति पीठ में नवरात्रि का उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। गुजरात में नवरात्रि का विशेष महत्व है और गरबा नृत्य इसका अभिन्न अंग है।

दीपावली, मकर संक्रांति और अन्य हिंदू त्योहार भी यहाँ धूमधाम से मनाए जाते हैं। मंदिर में विशेष भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

यात्रा मार्गदर्शन

पाटण शक्ति पीठ पाटण शहर में स्थित है। अहमदाबाद से पाटण सड़क मार्ग से लगभग 125 किलोमीटर दूर है। पाटण में रेलवे स्टेशन है। निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद का सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डा है।

अहमदाबाद, जूनागढ़ और राजकोट से पाटण के लिए नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं। यात्रा का सबसे उपयुक्त समय अक्टूबर से मार्च है।

विभिन्न परंपराओं में मतभेद

Body_part

सती की बाईं आँख इस स्थान पर गिरी

— Pithanirnaya
Devi

योगेश्वरी देवी — योग की अधिष्ठात्री देवी

— Pithanirnaya
Bhairava

सुदर्शन भैरव — इस पीठ के क्षेत्रपाल

— Pithanirnaya
Location

पाटण जिला, गुजरात, भारत

— Pithanirnaya
River

साबरमती नदी के तट पर स्थित

— Pithanirnaya
Tradition

सोलंकी वंश काल से शक्ति उपासना का केंद्र

— Pithanirnaya
Historical

प्राचीन पाटण का धार्मिक विरासत

— Pithanirnaya

मतभेद और टिप्पणी

पाटण शक्ति पीठ के स्थान के संबंध में कुछ परंपराओं में मतभेद हैं। कुछ स्रोत बाईं आँख के स्थान में भिन्नता रखते हैं।

संपादकीय टिप्पणी:

यह लेख पीठनिर्णय, देवी भागवत पुराण, मार्कण्डेय पुराण और गुजरात की ऐतिहासिक परंपराओं पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह पीठ गुजरात के पाटण जिले में स्थित है। यह अहमदाबाद से लगभग 125 किलोमीटर उत्तर में है।

पीठनिर्णय ग्रंथ के अनुसार देवी सती की बाईं आँख इस स्थान पर गिरी थी।

यहाँ योगेश्वरी देवी की पूजा होती है, जो योग की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं।

पाटण रानी की वाव, पतोला साड़ियों और अपनी प्राचीन वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

अक्टूबर से मार्च का समय सबसे उपयुक्त है। गर्मियों में बहुत गर्मी पड़ती है।

अहमदाबाद से बस या ट्रेन द्वारा पाटण पहुँचा जा सकता है। रास्ते में गुजरात की सुंदरता देखने को मिलती है।

संबंधित शक्तिपीठ

स्रोत और संदर्भ

  • गुजरात के शक्ति पीठ , गुजरात विश्वविद्यालय
  • सोलंकी वंश का इतिहास
  • पीठनिर्णय
  • पाटण जिला गजेटियर , गुजरात सरकार
  • गुजरात पर्यटन , Gujarat Tourism [link]
  • रानी की वाव सर्वेक्षण , भारतीय पुरातत्व विभाग
  • देवी भागवत पुराण — वेदव्यास
  • मार्कण्डेय पुराण