महामृत्युंजय मंत्र
महामृत्युंजय मंत्र को "मृत्युंजय मंत्र" या "त्र्यंबकम मंत्र" भी कहा जाता है। यह ऋग्वेद के मंत्र पर आधारित है और इसे मृत्यु पर विजय पाने वाला मंत्र कहा जाता है। इस मंत्र से भगवान शिव की आराधना की जाती है और कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान की जाती है।
महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जाप से आयु, आरोग्य, सुख और शांति की प्राप्ति होती है। इस मंत्र को गंभीर बीमारी, संकट और कष्ट से मुक्ति के लिए विशेष रूप से जपा जाता है।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
जप विधि
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूर्व दिशा की ओर मुख कर बैठें। सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करें। फिर ॐ का जाप करते हुए रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
लाभ
आयु, आरोग्य और दीर्घायु की प्राप्ति।
गंभीर रोगों से मुक्ति।
भय, दुर्घटना और संकट से सुरक्षा।
मन की शांति और मानसिक बल में वृद्धि।