गणेश जन्म कथा
माता पार्वती ने स्नान के समय अपने शरीर के उबटन से एक बालक का निर्माण कर उसे द्वारपाल बनाया। भगवान शिव ने आकर जब प्रवेश चाहा तो बालक ने रोका। क्रोधित शिव जी ने उस बालक का मस्तक काट दिया।
पार्वती जी के शोक से सभी देवता चिंतित हुए। शिव जी ने उत्तर दिशा में मिले पहले प्राणी — हाथी का मस्तक लाकर बालक को जोड़ा। इस प्रकार गणेश जी को गजमुख मिला और वे विघ्नहर्ता कहलाए।