ॐ जय श्री रामदे राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव जी की प्रचलित आरती है। इस पृष्ठ पर पूर्ण पाठ दिया गया है।

ॐ जय श्री रामदे — रामदेव जी आरती का महत्व

बाबा रामदेव जी को कृष्ण का अवतार और रुणिचा (रुणिचा) के देवता के रूप में पूजा जाता है। पंचपीरों के सेवक, मीरां बाई के अवतार (मीराबाई का पुनर्जन्म माना जाता है) और कपड़ों से लोगों के रोग दूर करने वाले के रूप में उनकी महिमा है। हर चरण के बाद ध्रुवपद 'ॐ जय श्री रामदे' दोहराया जाता है।

आरती

ॐ जय श्री रामदे, स्वामी जय श्री रामदे।पंचपीरों के सेवक, मीरां के अवतार ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
पीपाड़ी पाटण नगरी, रुणिचा मूल जन्म।नौवें दिन कृष्ण जी ने, धारा सुंदर तन ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
माता मैणाल पिता तन्हीं, राजा अजमल थे।गोवर्धन पूजन करते, बड़े कृपाल थे ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
बड़े चमत्कारी स्वामी, सूझे विषधर को।रोगी जन की सेवा में, कपड़े उड़ाते ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
खेमा सोहनी दाई के, भेद प्रकट कीजे।मुसलमान को गोद ले, धर्म धारण कीजे ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
जालौर बातावड़ा के, संग्राम जीत लियो।ढाई पाव रुक जो आई, रण जीत दिखायो ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
मोहम्मद बेग के गुरु तुम, उग्रसेन वरदायक।भादवा सुदी द्विज देवता, रुणिचा धाम में ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
रामदेव जी की आरती, जो कोई जन गावे।आठों सिद्धि नौ निधि, उसके घर आवें ॥ ॥ ॐ जय श्री रामदे..॥
ॐ जय श्री रामदे, स्वामी जय श्री रामदे।पंचपीरों के सेवक, मीरां के अवतार ॥
आरती का समय
प्रतिदिन, विशेषतः रामदेव जयंती (भाद्रपद शुक्ल द्वितीया) पर

आरती विधि

रामदेव जी की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आरती करें।

संदर्भ: भक्ति भारत — bhaktibharat.com

लाभ

रोगों से मुक्ति।
मनोकामना पूर्ति।
रामदेव जी की कृपा।