आरती श्री श्याम प्रभु की राजस्थान के खाटू श्याम जी की प्रसिद्ध आरती है। इस पृष्ठ पर पूर्ण पाठ दिया गया है।

आरती श्री श्याम प्रभु की (खाटू श्याम जी) का महत्व

खाटू श्याम जी को महाभारत में भगवान कृष्ण के अंश से जन्मे बर्बरीक का अवतार माना जाता है। खाटू धाम में यह आरती श्याम कुंड के समक्ष की जाती है। हर चरण के बाद टेक 'जय श्याम हरि हरि गुण गाएं...' दोहराई जाती है।

आरती

आरती श्री श्याम प्रभु की, श्याम प्रभु की ॥
जय श्याम हरि हरि गुण गाएं, श्याम प्रभु की ॥ ॥ आरती श्री श्याम प्रभु की..॥
भक्तन को जो सुख देते, श्याम प्रभु की ।संत जनों के संकट हरते, श्याम प्रभु की ॥ ॥ आरती श्री श्याम प्रभु की..॥
खाटू धाम में विराजते, श्याम प्रभु की ।दर्शन मात्र से पाप हरते, श्याम प्रभु की ॥ ॥ आरती श्री श्याम प्रभु की..॥
शीश पर मोर मुकुट शोभित, श्याम प्रभु की ।गल में बैजंती माला राजे, श्याम प्रभु की ॥ ॥ आरती श्री श्याम प्रभु की..॥
जय श्याम हरि हरि गुण गाएं, श्याम प्रभु की ।भक्तन को जो सुख देते, श्याम प्रभु की ॥ ॥ आरती श्री श्याम प्रभु की..॥
आरती का समय
प्रतिदिन, विशेषतः खाटू धाम के श्याम कुंड पर

आरती विधि

श्याम जी की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आरती करें।

संदर्भ: पावित्र ग्रंथ — pavitragranth.com

लाभ

संकटों से मुक्ति।
मनोकामना पूर्ति।
खाटू श्याम जी की कृपा।